नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार और हाईकोर्ट की रजिस्ट्री से जवाब मांगा है, जिसमें राज्य के जज की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 61 वर्ष करने से इनकार को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने 26 मई को कहा था कि मध्य प्रदेश में जज की सेवानिवृत्ति उम्र 61 वर्ष करने में किसी भी तरह की कानूनी बाधा नहीं है। मुख्य न्यायाधीश के अलावा, न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 'मध्यप्रदेश जज एसोसिएशन' द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किए। जज के संगठन ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस प्रशासनिक निर्णय को चुनौती दी है जिसमें हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने से इनकार कर दिया था, जबकि इसी वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में स्पष्ट न...
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