नई दिल्ली, जून 10 -- पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन रथ यात्रा शुरु होती है। इसके लिए शुरुआत वट पूर्णिमा यानी ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन होती है। इस दिन भगवान जगन्नाथ को स्नान कराया जाता है। स्नान यात्रा, जिसे स्नान पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, कल मनाई जाएगी, यह रथ यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। वट पूर्णिमा या ज्येष्ठ पूर्णिमा जगन्नाथ पुरी में कल 11 जून को होगी, जिसमें देवताओं को सुना कुआ या स्वर्ण कुआं से निकाले गए सुगंधित पवित्र जल से स्नान कराया जाता है। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र को कुल 108 घड़ों के पानी से स्नान कराया जाता है, इनमें परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ को स्नान कराने के लिए 35 घड़े, बलभद्र को 33 घड़े, देवी सुभद्रा को 22 घड़े और भगवान सुदर्शन को 18 घड़े पानी से नहलाया जाता है।...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.