देहरादून, जनवरी 19 -- किशनपुर राजपुर स्थित अर्धनारीश्वर मंदिर में चल रही श्रीमद् देवीभागवत कथा में सोमवार को कथावाचक आचार्य शिवप्रसाद ममगांई ने कहा कि भगवती जगदम्बा उत्पत्ति, पालन और रौद्र-तीनों स्वरूपों की अधिष्ठात्री हैं। भगवती स्वयं प्रकट हुईं और ब्रह्मा, विष्णु व शिव के सामने प्रकट होकर अपनी स्तुति को कहा। भगवान शिव द्वारा की गई स्तुति से प्रसन्न भगवती ने अपनी शक्ति प्रदान की, जिससे सरस्वती, लक्ष्मी और गौरी का प्राकट्य हुआ। आचार्य ममगांई ने कहा कि जीवन को जीने का श्रेष्ठ तरीका वही है, जिसमें आत्मसंतोष हो और किसी को कष्ट न पहुंचे। छोटे-छोटे प्रयास भी लगातार किए जाएं तो बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। समय और भाग्य पर अहंकार न करने तथा मोह और घृणा से दूर रहने का संदेश भी दिया। कथा में पूर्व पार्षद उर्मिला थापा, अशोक थापा, शिवेन्द्र भंडारी, भू...
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