नई दिल्ली, अक्टूबर 30 -- मिर्जापुर में 20 साल से टीचर की नौकरी कर रहे एक व्यक्ति का छोटी बहन से विवाद बहुत ज्यादा महंगा पड़ गया है। छोटी बहन ने नौकरी के लिए किए गए भाई के फर्जीवाड़े की जानकारी थी। बहन ने इसकी शिकायत कर दी और भाई की नौकरी चली गई।ुगुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी नियुक्ति रद्द करने पर मुहर लगा दी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों पर छल से प्राप्त नियोजन को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यह पूरी प्रक्रिया को दूषित करता है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने फर्जी दस्तावेजों पर सहायक अध्यापक पद पर प्राप्त नियुक्ति को रद्द करने के विरुद्ध दाखिल मिर्जापुर के कृष्णकांत की याचिका पर उसके वकील और बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी को सुनने के बाद याचिका खारिज़ करते हुए दिया है। याची...
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