लखनऊ, दिसम्बर 11 -- बीबीएयू में सांख्यिकी विभाग की ओर से चल रहे पांच दिवसीय कार्यशाला में पैरामैट्रिक व नॉन पैरामैट्रिक परीक्षण विषय पर विशेष व्याख्यान सत्र का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि पैरामीट्रिक परीक्षण उन स्थितियों में उपयोग किए जाते हैं, जहां डाटा सामान्य वितरण वाला और निरंतर होता है। इन परीक्षणों का उपयोग चिकित्सा, मार्केटिंग, पर्यावरण विज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान आदि अनेक क्षेत्रों में माध्य और विचरण की तुलना के लिए किया जाता है। डॉ. सुभाष कुमार यादव ने कहा कि नॉन-पैरामीट्रिक परीक्षण तब उपयोग किए जाते हैं, जब डाटा सामान्य रूप से वितरित न हो, नमूना आकार छोटा हो, या डाटा और्डिनल/रैंक्ड (जैसे स्टार रेटिंग, संतुष्टि स्तर) हो और आबादी के बारे में बहुत कम मान्यताएं बनाई जा सकती हों। इनका उपयोग प्रमुख रूप से चि...