नई दिल्ली, फरवरी 7 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। जेएनयू छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने हालिया निलंबन के विरोध में कैंपस में छात्र संसद का आयोजन किया, जिसमें देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम प्रशासनिक बाधाओं के कारण करीब दो घंटे देरी से शुरू हुआ, क्योंकि ध्वनि व्यवस्था को स्थल तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई थी। छात्रों के मुख्य द्वार पर जुटने के बाद अनुमति दी गई। छात्र नेताओं ने एक स्वर में निलंबित व निष्कासित छात्रों पर की गई कार्रवाई वापस लेने की मांग की। एफटीआईआई पुणे के प्रतिनिधि अमृतांग्शु ने पाठ्यक्रम केंद्रीकरण और असहमति पर नियंत्रण का आरोप लगाया। गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिवांक ने सरकारी स्कूलों के बंद होने और जातिगत भेदभाव का मुद्दा उठाया। एयूडी की शारण्य ने छात्रसंघ चुनाव टालने और निलंबन का विर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.