प्रयागराज, जनवरी 31 -- प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर छात्र-छात्राओं को गुमराह करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ यू-ट्यूब चैनलों एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फर्जी प्रश्न-पत्र वायरल करने का भ्रामक दावा किया जा रहा है। इससे बोर्ड परीक्षार्थियों के गुमराह होने की प्रबल संभावना है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी यू-ट्यूब चैनल एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्म संचालकों को चेतावनी दी है कि फर्जी पेपर हटा लें। ऐसा नहीं करने पर दोषियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (धोखाधड़ी), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) 2000 की धारा 66डी के तहत कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी, जिसमें दो वर्ष तक की जेल की सजा का प्रावधान है। साथ ही दोषियों पर 15 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना...