फरीदाबाद, नवम्बर 1 -- फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक और तकनीकी शिक्षा का भी अनुभव मिलेगा। इसे लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 6 से 8 तक कौशल शिक्षा (स्किल एजुकेशन) को अनिवार्य कर दिया है। इस पहल के तहत छात्रों को कौशल बोध नामक नई पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी, जो एनसीईआरटी द्वारा तैयार की गई हैं। जिले में सीबीएसई के करीब 230 स्कूल हैं। इनमें हजारों बच्चे पढ़ते हैं। अब तक यह विषय स्कूलों में केवल विकल्प के तौर पर पढ़ाया जाता था, लेकिन अब इसे नियमित पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता, समस्या समाधान और व्यावहारिक समझ विकसित करना है, जिससे वे भविष्य में रोजगार के लिए अधिक तैयार हो सके। ऑनलाइन और प्रिंट दोनों ...
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