टिहरी, फरवरी 19 -- जौनपुर ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास रौतू की बेली में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं को कानून की जानकारी दी गई। सिविल जज व प्राधिकरण के सचिव आलोकराम त्रिपाठी ने छात्राओं और शिक्षकों को बताया कि यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनयम 2012 में अवयस्क बालक-बालिकाओं को लैंगिक उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कानून बनाया गया है। जिसे संक्षेप में पॉक्सो ऐक्ट भी कहते हैं। इसमें बालक-बालिकाओं का लैंगिक उत्पीड़न करने वाले अपराधियों को कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। त्रिपाठी ने बालिकाओं को गुड टच और बैड टच के अंतर समझने की अपील की। कहा कि हर प्रकार के योन उत्पीड़न की शिकायत करनी चाहिए, इसको दबा दिया तो अपराधी को छूट मिल जाती है। उन्होंने बाल श्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.