मुजफ्फर नगर, अगस्त 15 -- दस शिक्षण संस्थानों में हुए करीब 46.36 लाख की छात्रवृत्ति घोटाले में कुछ प्रभावशाली भी लोग शामिल है। इन प्रभावशाली लोगों के प्रभाव के कारण छात्रवृत्ति घोटाले में रिपोर्ट दर्ज होने में करीब दो माह लगे हैं। दो माह तक इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पत्रावली, तहरीर अधिकारियों की मेज पर ही घूमती रही। इस मामले में छात्रवृत्ति के साथ कुछ शिक्षण संस्थानों में आईएनओ व एचओआई की नियुक्ति को लेकर भी बडा खेल हुआ है। नियमों को ताक पर रखते हुए शिक्षण संस्थानों में आईएनओ और एचओआई की नियुक्ति की गई है। भारत सरकार के द्वारा वर्ष 2021-22 की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति को लेकर जांच कराई गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम ने जनपद के 17 शिक्षण संस्थानों में छात्रवृत्ति को लेकर जांच की। जांच में दस बडे शिक्षण संस्थानो में करीब 46.36...
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