जामताड़ा, अक्टूबर 4 -- छाता मेला का दौर शुरू जामताड़ा,प्रतिनिधि। दुर्गापूजा की समाप्ति के साथ ही विभिन्न आदिवासी बहुल गांव में छाता मेला का दौर प्रारंभ हो गया है। इस दौरान आदिवासी तथा घटवाल समाज के लोग बास पर कागज के बने रंग-बिरंगे छाते को लगाकर उसकी पूजा करते हैं और फिर मेला का आयोजन होता है। जानकार बताते हैं कि छाता मेला का वर्षों पुराना इतिहास रहा है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में मेला का आयोजन नहीं होता था। वहीं जिला तथा प्रखंड मुख्यालय में दुर्गा पूजा होता था। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे तथा अन्य लोग मेला नहीं देख पाते थे। जिस कारण ग्रामीण क्षेत्र में छाता मेला का प्रारंभ किया गया। इस दौरान अलग-अलग गांव में अलग-अलग तिथि को छाता मेला का आयोजन होता है। कई जगहों पर इस अवसर पर फुटबॉल सहित विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। जिसमे...