फरीदाबाद, फरवरी 18 -- पलवल। गांव छांयसा में लोगों की मौतों से सरकारी योजनाओं के प्रति जिला प्रशासन की लापरवाही उजागर हो रही है। महाग्राम योजना में शामिल होने के बावजूद हर घर नल से लोगों को स्वच्छ पानी मयस्सर नहीं हो रहा है। स्वच्छता के लिए गांव में सीवर लाइन भी नहीं डाली गई है। जबकि सरकार का दावा है कि गांवों में स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जा रही है। खरीदकर पानी पी रहे 90 फ़ीसदी लोग दरअसल, गांव की आबादी दस हजार से अधिक होने के बावजूद यहां के लगभग 90 फ़ीसदी लोग आज भी सरकारी पेयजल सुविधा से वंचित हैं। हालात यह हैं कि अधिकांश परिवारों ने अपने घरों में 10 हजार, 15 हजार और 20 हजार लीटर क्षमता वाले निजी पानी के टैंक बनवा रखे हैं। ग्रामीणों को मजबूरी में टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है, जिसकी एक खेप की कीमत करीब 1500 रुपये है। गांव का भूजल पीन...