मुजफ्फरपुर, नवम्बर 24 -- मुजफ्फरपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक हक के लिए आंदोलन की राह पर हैं, मगर उलझनें और उलझती जा रही हैं। स्पष्ट गाइडलाइन जारी होने के सालभर बाद भी सीनियर शिक्षकों को जूनियर से कम वेतन मिल रहा है। एक तरफ मानसिक तनाव तो दूसरी ओर आर्थिक संकट से जूझ रहे ये शिक्षक पीड़ा लंबी खिंचने के कारण हतोत्साहित हो रहे हैं। शिक्षकों ने कहा कि साल में 20-24 हजार तक का घाटा सह रहे हैं। जिला स्तर पर ही शिविर लगाकर असमान वेतन को जोड़ कर जल्द हमलोगों का भुगतान कराया जाए, ताकि मनोयोग से अध्यापन करा सकें। क्षा विभाग के आदेश के आलोक में पंचायती राज एवं नगर निकाय संस्थानों के द्वारा विभिन्न चरणों में प्रशिक्षित तथा अप्रशिक्षित शिक्षकों का नियोजन किया गया था, जिन्हें वेतन के रूप में मानदेय दिया जाता था। इनमें प्रश...