उन्नाव, दिसम्बर 29 -- उन्नाव। जल प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रदेश में सात संयुक्त उत्प्रवाह शुद्धिकरण संयत्र (सीईटीपी प्लांट) स्थापित हैं। इनमें दो सीईटीपी प्लांट जनपद में संचालित किए जाते हैं। एनजीटी के नए मानकों के अनुरुप पानी शोधन न होने पर पर साल 2017 में इन सीईटीपी को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत नेशनल मिशन ऑफ क्लीन गंगा के जरिए 218 करोड़ की लागत से अपग्रेडेशन किया जाना था। संचालकों को इस अविधि में आधी क्षमता से टेनरी संचालित करने के निर्देश दिए गए थे। साल 2019 में शुरु हुई यह प्रक्रिया फरवरी 2025 तक पूरी की जानी थी। हालांकि तय समयसीमा पूरी हुए दस माह से अधिक का समय बीत चुका है, इसके बावजूद अबतक अपग्रेडेशन पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में फैक्टरियां आधी क्षमता से उत्पादन करने को मजबूर हैं। औद्योगिक क्षेत्र साइड एक और दो में स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.