सहरसा, फरवरी 2 -- सिमरी बख्तियारपुर, एक प्रतिनिधि। नगर परिषद क्षेत्र में विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इन योजनाओं की वास्तविक स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। नगर परिषद अंतर्गत वर्तमान में लगभग 50 योजनाएं निविदा प्रक्रिया से तथा 85 योजनाएं विभागीय स्तर पर संचालित हैं। बावजूद इसके अधिकांश योजनाओं में पारदर्शिता का घोर अभाव देखने को मिल रहा है। नियमों की अनदेखी करते हुए कई स्थलों पर योजना बोर्ड तक नहीं लगाए जाते, जिससे आम लोगों को कार्य की जानकारी नहीं मिल पाती। इससे सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है। नगर परिषद कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यालय नियमों से अधिक बाबुओं और कर्मियों की मनमानी से संचालित हो रहा है। योजनाएं कागजों पर स्वीकृत कर दी ज...