संभल, जनवरी 14 -- देश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार, वंदे भारत और बुलेट ट्रेन जैसी आधुनिक योजनाओं के बीच उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल का ऐतिहासिक शहर संभल आज भी बुनियादी रेल सुविधा के विस्तार से वंचित है। पृथ्वीराज चौहान की राजधानी रही कल्कि नगरी संभल के हातिम सराय रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही रेल की पटरी खत्म हो जाती है। यहां आने वाली ट्रेन को वापसी में उल्टी दिशा से इंजन लगाकर लौटना पड़ता है। जो आज भी लोगों के लिए चर्चा और हैरानी का विषय बना हुआ है। संभल के लोग पिछले छह दशक से हातिम सराय स्टेशन को जिला अमरोहा के गजरौला से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। मुरादाबाद से संभल तक रेलवे लाइन का विद्युतीकरण तो हो चुका है और मुरादाबाद से मुंबई तक ट्रेन चलाने की पुरानी मांग भी अब पूरी होने जा रही है, लेकिन संभल को आगे जोड़ने की फाइलें आज भी ठंडे बस्ते ...