उन्नाव, नवम्बर 8 -- अचलगंज। हानि, लाभ, जीवन, मरण, यश, अपयश विधि हाथ। मनुष्य के जीवन की यह छह चीजें हरदम विधाता अर्थात ब्रह्मा के हाथों संचालित होती है। कब कहां धन प्राप्ति हो जाए या धनहानि हो जाए, जीवन देना व जीवन लेना, कोई व्यक्ति कब पद प्रतिष्ठा पाकर नामीगिरामी हो जाए या उसके जीवन में कब बदनामी का दाग लग जाए। इस पर स्वयं ईश्वर का भी नियंत्रण नहीं है। इन छह चीजों को परमात्मा ने ब्रह्माजी के नियंत्रण में दे रखा है। यह उद्गार अचलगंज कस्बा के अचलेश्वर नगर में चल रही भागवत कथा के छठवें दिन आचार्य अभिषेक कृष्ण शास्त्री ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कलियुग में ईश्वर ने भक्ति मार्ग को सरल कर दिया है। इस मौके पर रामदास, अखिल, अमित, निखिल, वैभव, सरोज, ललित व राजू आदि मौजूद रहे।
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