अलीगढ़, फरवरी 2 -- बरला, संवाददाता। जब जेब में पैसे न हों, तो 'मुफ्त' इलाज के सरकारी दावे भी किसी क्रूर मजाक से कम नहीं लगते। थाना दादों क्षेत्र के ग्राम निनामयी निवासी नत्थू सिंह उम्र 60 वर्ष पुत्र मेघ सिंह की मौत केवल एक बीमारी का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उस व्यवस्था की नाकामी है जहाँ एक गरीब पिता को बचाने के लिए बेटों के पास अलीगढ़ जाने तक का किराया नहीं था। लाचारी की पराकाष्ठा: नत्थू सिंह पिछले काफी समय से सांस की बीमारी से जूझ रहे थे और हाल ही में पेशाब बंद होने की गंभीर समस्या ने उन्हें बिस्तर पर ला दिया था। शनिवार को जब उनके बेटे जीतू और महेश उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छर्रा लेकर पहुंचे, तो वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर उन्हें तुरंत अलीगढ़ स्थित जेएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। रेफर का कागज हा...