उन्नाव, फरवरी 20 -- उन्नाव। छरहरी काया और वजन घटाने का जुनून महिलाओं की सेहत पर भारी पड़ रहा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस-5) की हालिया रिपोर्ट ने खतरे की घंटी बजा दी है। जिले की लगभग 49.6 प्रतिशत महिलाएं खून की कमी (एनीमिया) से जूझ रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि फिटनेस के नाम पर पौष्टिक आहार से दूरी बनाना ही इस बीमारी का मुख्य कारण बनकर उभर रहा है। सर्वे के मुताबिक, 15 से 49 वर्ष की आयु वर्ग की लगभग हर दूसरी महिला का हीमोग्लोबिन स्तर 12 ग्राम से नीचे है। वहीं, 33.8 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं भी इसकी चपेट में हैं। इसका सबसे भयावह असर नौनिहालों पर दिख रहा है; जिले के 76 प्रतिशत बच्चों (6 से 59 माह) में हीमोग्लोबिन 11 ग्राम से कम पाया गया है। डाइट में कटौती पड़ रही महंगी विशेषज्ञों के अनुसार, वजन कम करने की होड़ में महिलाएं दाल, हरी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.