लखनऊ, सितम्बर 16 -- लखनऊ। प्रमुख संवाददाता कैसरबाग मछली मंडी में मंगलवार को हुए दर्दनाक हादसे की वजह बना पीपल का पेड़ करीब 50 से 60 साल पुराना था। नगर निगम के उद्यान विभाग के उपनिदेशक गंगाराम गौतम ने बताया कि जांच में सामने आया है कि यह पेड़ एक मकान की छत पर ही उग आया था। लंबे समय से उपेक्षा और विवादों के चलते इसे न तो हटाया गया और न ही सुरक्षित किया गया। मंगलवार को अचानक गिरे इस भारी-भरकम पेड़ की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए। गौतम ने बताया कि कैसरबाग इलाके में कई इमारतों की छतों पर ऐसे ही बड़े-बड़े पेड़ खड़े हैं। यह अधिकतर पीपल के पेड़ हैं, जो खुद उग जाते हैं। किराएदारी विवाद और धार्मिक मान्यताओं के चलते कोई इन्हें काटता नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह के पेड़ नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में नही...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.