बीजापुर, फरवरी 7 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके सुकमा और बीजापुर जिले के 51 माओवादियों ने शनिवार को हिंसा का रास्ता त्याग कर मुख्यधारा में शामिल होने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह सरेंडर 'पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन' नामक एक विशेष अभियान के तहत किया गया।इंसास रायफल और एके-47 भी जमा इन माओवादियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण करते हुए एके-47 राइफल, एसएलआर राइफल, इंसास राइफल, बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) जैसे अत्याधुनिक और गोला-बारूद भी जमा करा दिया। इन हथियारों का हस्तांतरण औपचारिक रूप से जमा किया है, जो राज्य सरकार की नक्सलवाद से निपटने की नीति और पुनर्वास के प्रयासों की एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इस घटना को छत्तीसगढ़ में शांति और विकास की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में देखा जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में कैडरो...