विकासनगर, अक्टूबर 24 -- छठ पूजा की सबसे खास बात यह है कि यह केवल पूजा नहीं, बल्कि सूर्योपासना है। वेदों में कहा गया है कि सूर्य समस्त जीवन की आत्मा है। वैज्ञानिक रूप से भी यही सत्य है। सूर्य की रोशनी हमारे शरीर में विटामिन डी के निर्माण की प्राकृतिक प्रक्रिया को सक्रिय करती है, जो हड्डियों, प्रतिरक्षा तंत्र और मानसिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। छठ पर्व में सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों समय पूजा की परंपरा है। यही समय वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। सुबह छह से आठ बजे और शाम चार से छह बजे तक की धूप यूवी-बी रे का सबसे संतुलित रूप होती है, ऐसी किरण जो त्वचा को नुकसान पहुंचाए बिना शरीर को पर्याप्त विटामिन डी प्रदान करती है। जब व्रती बिना किसी केमिकल लोशन या धूप से बचाव के सूर्य की किरणों को ग्रहण करते हैं, तो उनका शरीर प्राकृतिक रूप से ...