साहिबगंज, अक्टूबर 27 -- बोरियो, प्रतिनिधि। केलवा के पात पर उगेलन सुरुज देव...,हे छठी मईया दर्शन दीहीं ना आपन...,उगीहें सुरुज गोसईयां हो..., समेत एक से बढ़कर एक छ्ठगीतों से पुरा प्रखंड का माहौल गुजायमान है। स्थानीय बाजार छ्ठ पूजन सामग्रियों से पट गया हैI खासतौर से सूप, दउरा, नारियल, आम की लकड़ी, मिट्टी के चुल्हे, घी, फल आदि सामग्रियों की शुरू है। छठ महापर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। लोग कम सुविधा और अत्यधिक कष्टों के बावजूद व्रतियों में उत्साह है। महाभारत काल से हो रही है सूर्य की अराधना : छठ पर्व की शुरुआत महाभारत काल में महारानी कुंती द्वारा सूर्य की आराधना व कर्ण के जन्म के समय से माना जाता है। मान्यता है कि छ्ठ देवी भगवान सूर्य की बहन हैं और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की परंपरा चली आ ...
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