सासाराम, अक्टूबर 10 -- बिक्रमगंज, हिटी। नवरात्रि के संपन्न होने के साथ ही छठी मैया की गीतों से अनुमंडल क्षेत्र में अभी से ही माहौल भक्तिमय हो गया है। गांवों की गलियों से लेकर शहरों की चौपालों तक हर ओर कांच ही बांस के बहंगिया...और उठह हो सुरुज देव अरघ के बेर भइल बा... आदि गीतों की मधुर ध्वनि सुनाई देने लगी है। भोर होते ही महिलाएं आंगन में तुलसी चौरा के पास दीप प्रज्वलित कर छठ मैया की पारंपरिक गीत गाने लगती हैं। उनकी स्वर लहरियां जैसे ही वातावरण में घुलती है, पूरा इलाका श्रद्धा,आस्था और आनंद से भर उठता है। शाम ढलते ही घर-घर से भक्ति संगीत की ध्वनियां निकलती हैं, मानो संपूर्ण क्षेत्र छठी मैया की आराधना में लीन हो गया हो।
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