लखीमपुरखीरी, अक्टूबर 31 -- नेपाल सीमा से सटे निघासन तहसील का सुदूरवर्ती गांव चौगुर्जी, जिसे अब तक 'कटा हुआ गांव' कहा जाता था, अब विकास की नई राह पर कदम रख रहा है। वर्षों से मोहाना नदी की धारा के पार फंसा यह गांव अब मुख्यधारा से जुड़ने जा रहा है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के सतत प्रयासों और पहल का ही परिणाम है कि शासन ने 459.24 लाख रुपये की लागत से चौगुर्जी पेंटून पुल निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि सीमावर्ती और सुदूरवर्ती गांव भी विकास की रफ्तार से जुड़ें। चौगुर्जी के लोगों को अब अलग-थलग रहने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ेगी। यह पुल केवल लोहे और लकड़ी की संरचना नहीं, बल्कि चौगुर्जी के उज्जवल भविष्य का सेतु बनेगा। बताते चलें कि डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने विधायक शशांक वर्मा के साथ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.