गोरखपुर, अप्रैल 1 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। नवरात्र के दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर दुर्गा सप्तशती का पाठ सुबह और शाम में संपन्न हुआ, साथ ही श्रद्धालुओं ने आरती कर प्रसाद ग्रहण किया। गोरखनाथ मंदिर में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए गए, जिसमें अनेक वेदपाठी आचार्यों ने भाग लिया। प्राचार्य डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप संयम, धैर्य और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। इनकी पूजा से साधकों को ब्रह्मज्ञान, तपस्या और आत्मसंयम की प्रेरणा मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है और मनोबल एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यह पूजा विशेष रूप से विद्यार्थियों और...
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