नई दिल्ली, जनवरी 15 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। रोहिणी कोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में एक शख्स को दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नितिका की अदालत ने कहा कि खाली हस्ताक्षरित चेक देने का बहाना बचाव का कारण नहीं बन सकता। शिकायतकर्ता राहुल गुप्ता के मुताबिक, आरोपी विजेंद्र गुप्ता उसकी पत्नी का चचेरा भाई है। इसी भरोसे के चलते जनवरी 2018 में आरोपी ने अपने टूर एवं ट्रैवल्स व्यवसाय में नुकसान का हवाला देकर 9.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद मांगी। सुरक्षा के तौर पर आरोपी ने अपनी पत्नी की संपत्ति के दस्तावेज शिकायतकर्ता को सौंपे। कुछ समय बाद जब कर्ज लौटाने की मांग की गई, तो आरोपी ने 28 मार्च 2018 का चेक दिया, जो बैंक में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन तय समय में भुग...
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