नई दिल्ली, फरवरी 3 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने चेक बाउंस से जुड़े मामलों में बार-बार अदालत को दिए गए आश्वासनों का पालन न करने पर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उच्च न्यायालय ने राजपाल यादव को 4 फरवरी तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने अभिनेता के आचरण पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके व्यवहार को निंदनीय बताया। पीठ ने कहा कि बार-बार मौका दिए जाने व काफी उदारता दिखाए जाने के बावजूद राजपाल यादव शिकायतकर्ता कंपनी मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को भुगतान करने में असफल रहे हैं।राजपाल और उनकी पत्नी को हुई थी 6-6 महीने की सजा यह मामला राजपाल यादव व उनकी पत्नी द्वारा दायर उन याचिकाओं से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने चेक बाउंस के अपराध के तहत हुई...