नई दिल्ली, जनवरी 29 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। इस वक्त जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं सुस्ती या संकट से गुजर रही हैं, तब भारत विकास के मोर्चे पर मजबूत स्थिति में खड़ा है। भारत की विकास दर घरेलू मांग और खपत पर आधारित है, इसलिए वैश्विक झटकों के बावजूद इसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है। हालांकि भारत के सामने भी चुनौतियां हैं, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में इसकी स्थिति अमेरिका, यूरोप और चीन की तुलना में ज्यादा मजबूत और संतुलित दिखाई देती है। गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश की गई आर्थिक समीक्षा 2025-26 में कहा गया है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और चालू वित्तीय वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है। वहीं, आर्थिक सुधारों के बीच आगामी वित्तीय वर्ष (2026-27) में सकल घरेलू उत्पाद (ज...
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