जमशेदपुर, अक्टूबर 31 -- भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार या संशोधित सामग्री के दुरुपयोग पर रोक लगाते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता और मतदाताओं को भ्रमित होने से बचाने के लिए एआई संचालित प्रचार सामग्री का जिम्मेदार उपयोग अनिवार्य है। निर्देशों के तहत यदि किसी चुनावी प्रचार में एआई-जेनरेटेड या डिजिटल रूप से बदली गई तस्वीर, ऑडियो या वीडियो का उपयोग किया जाता है तो उसपर स्पष्ट रूप से एआई-जिनरेटेड या सिंथेटिक लिखना आवश्यक होगा। यह घोषणा दृश्य सामग्री में कम से कम 10% हिस्से में स्पष्ट रूप से दिखनी चाहिए। ऑडियो सामग्री के मामले में यह घोषणा प्रारंभिक 10% हिस्से में बोली जानी चाहिए। इसके अलावा ऐसी सामग्री ...
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