समस्तीपुर, नवम्बर 10 -- समस्तीपुर। कितनी बार मन सोचे की छोड़ दूँ ये सफर, पर पेट की आग और बच्चों का डरङ्घये भीड़ नहीं, मजबूरी का सागर है, जिसमें हर प्रवासी चुपचाप तैर रहा मुसाफिर है। यह लाइन उन प्रवासी मजदूरों पर सटीक बैठती है जो छठ महापर्व के साथ-साथ लोकतंत्र के महापर्व बिहार विधानसभा चुनाव में शामिल होकर अपने कार्यस्थल की ओर पलायन कर रहे हैं। प्रथम चरण की वोटिंग खत्म होते ही समस्तीपुर जंक्शन एक बार फिर प्रवासी यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है। रविवार को स्टेशन परिसर व प्लेटफॉर्म से लेकर टिकट काउंटर तक हर जगह लंबी कतारें देखी गईं। परदेस लौटने की जल्दी में यात्रियों की भीड़ इतनी बढ़ी कि कई एक्सप्रेस ट्रेनों में सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक यात्री सवार हो रहे हैं। स्टेशन पर तैनात आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारी व जवान लगातार निगरानी कर रह...
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