पटना, अगस्त 4 -- रालोजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट की सलाह भी नहीं मान रहा तो विपक्षी दलों की क्या सुनेगा। सोमवार को जारी बयान में कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया और प्रकाशित मतदाता सूची के प्रारूप में कहीं से भी पारदर्शिता नहीं दिखती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सुनवाई के दौरान दो-दो बार चुनाव आयोग को आधार नंबर और पेन नंबर, राशन कार्ड इत्यादि को भी मतदाता सूची के सत्यापन में शामिल करने को कहा। मतदाता सूची से किसी भी वोटर का नाम नहीं काटे जाने को लेकर सख्त हिदायत दी थी। इसके बावजूद प्रारूप मतदाता सूची में 65 लाख से अधिक वोटरों के नाम गायब हो गए। मांग की कि प्रकाशित प्रारूप में से जो 65 लाख नाम काटे गए उनमें कितने बांग्ला...