आगरा, दिसम्बर 14 -- दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा छावनी परिषदों के चुनाव में देरी को लेकर सरकार को लगाई गई फटकार के बाद, छावनी क्षेत्रों में सियासी हलचल तेज हो गई है। अदालत की सख्ती ने न केवल स्थानीय नेताओं बल्कि आम जनता के मन में भी जल्द चुनाव होने की आस जगा दी है। जिसके कारण वर्षों बाद छावनी के स्थानीय नेताओं ने जनता के बीच जाना शुरू कर दिया है। कोर्ट में सुनवाई के बाद चुनावी सुगबुगाहट शुरू होते ही स्थानीय नेता 'एक्शन मोड' में आ गए हैं। सुस्त पड़ी राजनीति में अचानक तेजी आ गई है और नेताओं ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। वे लोगों के बीच जाकर संवाद स्थापित कर रहे हैं और उनकी दुख-तकलीफें सुन रहे हैं। इतना ही नहीं, जनता की जरूरतों के आधार पर मांग पत्र तैयार कर छावनी परिषद के अधिकारियों को सौंपने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। नेता अब क्षेत्रीय ...