मेरठ, नवम्बर 15 -- मिट्टी से लेकर खाद्य पदार्थों में पहुंच चुके प्लास्टिक के अति सूक्ष्ण कणों (माइक्रो प्लास्टिक) को चुटकियों में मौके पर ही पहचाना जा सकेगा। सौर ऊर्जा उपकरण और हाइड्रोजन उत्पादन में भी सुधार होगा। उन्नत बैटरी विकसित होंगी जो लंबे अवधि तक ऊर्जा संग्रहित करने में सक्षम होंगी। लेजर तकनीक सूक्ष्म और तीक्ष्ण प्रकाश बिंदु तैयार करने में सहायक होगी जो चिकित्सा, मशीन निर्माण और तेज डेटा संग्रह में उपयोगी होंगे। चौधरी चरण सिंह विवि कैंपस के भौतिक विज्ञान विभाग में फोटॉनिक्स एंड इमर्जिंग मैटेरियल्स फॉर फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी (पीईएमएफटी-2025) के दूसरे दिन इन तकनीकों को प्रोफेसर, वैज्ञानिक एवं शोधार्थियों ने अलग-अलग तकनीकी सत्रों में रखा। इन सत्रों में स्मार्ट मैटेरियल्स, प्रकाश आधारित तकनीक, सेंसर प्रणाली और नए पदार्थों पर केंद्रित...
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