संवाददाता, दिसम्बर 3 -- स्वर्ग फिल्म में गोविंदा का एक डायलॉग है 'दुनिया में गरीब पैदा होना कोई जुर्म नहीं, कोई पाप नहीं... मगर गरीब मरना सबसे बड़ा जुर्म है, सबसे बड़ा पाप है। यह डायलॉग फिल्मी जरूर है लेकिन चकेरी के टटियन झनाका में रहने वाली वृद्धा माधुरी की हकीकत के बेहद करीब। रविवार रात को पड़ोसी की पिटाई से घायल बेटे का पैसों के अभाव में इलाज नहीं करा सकी। इसके चलते बेटे ने सोमवार रात को घर में ही तड़पकर दम तोड़ दिया। गरीबी का आलम यह कि... पोस्टमार्टम के बाद मां ने शव लेने से ही इनकार कर दिया क्योंकि उसके पास रुपये नहीं थे। अंत में पुलिस को ही शव का अंतिम संस्कार कराना पड़ा। मूलरूप से बिहार के दरभंगा के नेहरा गांव निवासी संतोष कुमार चौधरी के परिवार में पत्नी माधुरी व दो बेटे हैं। संतोष कुमार गांव में ही रहते हैं जबकि पत्नी माधुरी चकेरी...