बोकारो, मार्च 1 -- बोकारो प्रतिनिधि। चास प्रखंड के मोहनडीह गांव के जमीन को लेकर वन विभाग और रैयतों के बीच तनाव हुई। स्थिति को लेकर जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। ग्रामीणों के विरोध को लेकर पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में वन विभाग ने 2.44 एकड़ जमीन पर घेराबंदी किया। जबकि संबंधित जमीन को फटिक मंडल ने रैयती बताया। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वजों की ओर से संबंधित जमीन पर 1933 से दखल कब्जा है। 2025 जनवरी तक ऑफ लाईन और ऑनलाईन रसीद उपलब्ध है। ऐसे रैयती जमीन पर वन विभाग की घेराबंदी गैर कानूनी है। मामलें पर बोकारो डीसी, डीडीसी, अनुमंडल पदाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बावजूद मामलें पर सुनवाई नहीं हुई। वन विभाग की अन्याय और जबरन घेराबंदी के विरूद्ध बोकारो डीसी कार्यालय के समीप परिवार सहित अनशन पर बैठने का चेतावनी दिया...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.