मधुबनी, फरवरी 19 -- झंझारपुर। झंझारपुर, लखनौर और मधेपुर प्रखंडों में वर्षों से जलजमाव के कारण बेकार पड़ी 'चौर' भूमि अब किसानों की तकदीर बदलने वाली है। करीब 14,200 हेक्टेयर में फैली इस नीची भूमि का कायाकल्प करने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन की कार्ययोजना तैयार की है। विधानसभा में विधायक नीतीश मिश्रा द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेन्द्र मेहता ने इस योजना की विस्तृत रूपरेखा पेश की। रिपोर्ट के मुताबिक झंझारपुर प्रखंड में 5800 हेक्टेयर, लखनौर में 6000 हेक्टेयर और मधेपुर में लगभग 2400 हेक्टेयर चौर भूमि उपलब्ध है। इतने विशाल भू-भाग को उपयोगी बनाने के लिए सरकार इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर चुकी है। लंबे समय से यह जमीन जलजमाव के कारण खेती के लिए अनुपयुक्त थी, लेकिन अब इसे नीली क्रांति का केंद्...