लखनऊ, फरवरी 24 -- विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा है कि पिछले चार सालों में प्रदेश की विधायिका को लेकर समाज में बनी नकारात्मक धारणा में बड़ा बदलाव आया है। एक समय था जब विधान सभा की कार्यवाही को लेकर लोगों के मन में नकारात्मक छवि बन गई थी, लेकिन अब सदन गंभीर और सार्थक चर्चाओं का केंद्र बन चुका है। विधान सभा अध्यक्ष ने बजट सत्र खत्म होने के बाद मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को सीमाओं में रहकर अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18वीं विधानसभा ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजते हुए नवाचार, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक को अपनाकर कार्यसंस्कृति में व्यापक सुधार किया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अब केवल एक ऐतिहासिक भवन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व, अनुशासन और जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त म...