वाराणसी, जनवरी 15 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। नागरी नाटक मंडली का वह मंच पर जिस पर डॉ.राजेंद्र उपाध्याय ने न जाने कितनी बार अभिनय किया था। इसी मंच पर उनके द्वारा निर्देशित दर्जनों नाटकों में ऐतिहासिक-सांस्कृतिक कथानक जीवंत हुए थे। इस मंच पर चाहे किसी का नाटक हो अच्छा होने पर खुशी से उछल जाना और नाटक के साथ न्याय न होने पर सहज आहत हो जाना। यह सब कुछ जिस मंच पर हुआ गुरुवार की शाम उसी मंच पर काशी के रंगधर्मियों की जमात, अपने प्रिय रंगजीवी डॉ.राजेंद्र उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करने जुटी थी। नागरी नाटक मंडली न्यास की ओर से हुई इस शोकसभा में नगर की दो दर्जन से अधिक रंग संस्थाओं के प्रतिनिधि थे। चार पीढ़ी के रंगधर्मियों ने डॉ.उपाध्याय को सही मायने में अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। वरिष्ठतम वक्ता से कनिष्ठतम सदस्य तक, जिसने भी उनके बारे...