देहरादून, जनवरी 28 -- उत्तराखंड के चार धामों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर गंगोत्री मंदिर समिति समेत बीकेटीसी की ओर से स्थिति साफ की गई है। हिंदुओं के साथ सिख, जैन और बौद्ध धर्म वालों को प्रवेश मिलेगा। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने इस फैसले को सही ठहराया है। कहा कि जिनकी देवी-देवताओं पर आस्था नहीं है, उनका चारधाम में क्या काम है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम कोई पिकनिक स्पॉट नहीं हैं, बल्कि सनातन परंपरा के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र हैं। संविधान के अनुच्छेद 25 में स्पष्ट है कि सिख, जैन, बौद्ध सनातन परंपरा के अंग हैं। अनुच्छेद 26 हमें यह अधिकार देता है कि हम अपनी धार्मिक परंपराओं और पूजा-पद्धति की रक्षा करें। यह निर्णय किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सदियों पुरानी आस्था, अनुशासन और शुद्धता...