चतरा, अक्टूबर 24 -- सिमरिया, निज प्रतिनिधि। नेम निष्ठा का महापर्व छठ नहाया खाय के साथ शनिवार से शुरू हो गया। व्रती चार दिन तक भगवान सुर्य और छठी मैया की अराधना में जुटें रहेंगे। हिन्दू धर्म में छठ पर्व का खास महत्व है। यह त्योहार भगवान सूर्य व छठ मईया को समर्पित है। छठ चार दिवसीय पर्व है, जिसकी शुरुआत नहाय-खाय से होती है और समापन ऊषा अघ्र्य के साथ होता है। छठ पूजा का त्योहार झारखंड, बिहार, उतर प्रदेश,पश्चिम बंगाल व मध्य प्रदेश में खास तौर पर मनाया जाता है। छठ पर्व को डाला छठ, सूर्य षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। छठ की तैयारी दीपावली के बाद शुरू हो जाती है। लोग घरों की साफ सफाई के साथ नया धान , गेहूं, गुड़ इकठ्ठा करने में लग जाते हैं। संज्जत-छठ पर्व का पहला दिन नहाय-खाय के साथ होता है। इस दिन व्रती किसी पवित्र नदी,सरोवर , तालाब या घर पर ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.