भदोही, नवम्बर 3 -- चौरी, हिन्दुस्तान संवाद। लंकापति रावण का बध कर चौदह वर्ष बाद प्रभु श्रीराम अयोध्या आते हैं। प्रभु श्रीराम भूमि पर पड़े भरत को बाहों में भरने को व्याकूल हो उठते हैं। भरत हैं कि प्रभु श्रीराम की चरण में पड़े आंसू से पांव पोछते रहे। नयन भरी आंखों से मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम भरत को उठाकर गले लगा लेते हैं। तो लक्ष्मण सत्रुघ्न से गले मिलकर रोने लगते हैं। चारों भाइयों में अपार प्रेम और स्नेह को देख श्रद्धालुओं की आंखें छलक पड़ती हैं। जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा माहौल धर्ममय हो जाता है। चारों भाइयों पर आस्थावान पुष्प वर्षा करने लगते हैं। ऐसा दृश्य रविवार की भोर में चौरी बाजार में देखने को मिला। चौरी बाजार स्थित त्रिमुहानी पर चारों भाइयों का करुणामई मिलन होता है। भरत मिलाप में आए मेलार्थियों ने पूरी रात मिले का जमकर आनंद उठाया। ए...
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