हिन्दुस्तान ब्यूरो, सितम्बर 9 -- बिहार विधानसभा का 1995 का चुनाव कई मायने में ऐतिहासिक रहा। इस चुनाव में लालू प्रसाद की करिश्माई छवि चरम पर थी। उन्होंने न केवल राजनीतिक विरोधियों को पराजित किया, बल्कि पार्टी के अंदर भी विरोधियों को पटखनी दी। उन्होंने जनता दल को सफलता के शीर्ष पर पहुंचा दिया। उनके नेतृत्व में जनता दल ने शानदार सफलता पायी व लालू प्रसाद की सत्ता में वापसी हुई। 11 वीं विधानसभा कई कारणों से हमेशा याद रहेगी। इसपर चारा घोटाले का साया मंडराया। इसके कारण लालू प्रसाद की कुर्सी गयी, राबड़ी देवी का अचानक सीएम बनना इस समय की सबसे महत्वपूर्ण घटना रही। यही नहीं लालू प्रसाद से अलग होकर नीतीश कुमार ने नयी राह चुनी। समता पार्टी का गठन हुआ। नीतीश कुमार बिहार में पार्टी के नेता बने। भारतीय जनता पार्टी धीरे-धीरे अपनी ताकत बढ़ाती गयी। इस बार भ...
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