नई दिल्ली, मई 1 -- आचार्य चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, एक महान दार्शनिक, अर्थशास्त्री, और राजनीतिज्ञ थे। उनके द्वारा लिखी गई चाणक्य नीति में जीवन से जुड़े कई अलग-अलग पहलुओं पर व्यावहारिक सलाह दी गई है। अपनी इस किताब में चाणक्य ने कुछ ऐसे लोगों का भी उल्लेख किया है, जिनसे सलाह लेना न केवल व्यर्थ माना गया है, बल्कि व्यक्ति के लिए हानिकारक भी हो सकता है। आइए जानते हैं आखिर कौन से हैं वो लोग, जिनसे व्यक्ति को कभी भी सलाह नहीं लेनी चाहिए।मूर्ख व्यक्ति चाणक्य नीति के अनुसार मूर्ख व्यक्ति में बुद्धि और विवेक की कमी होती है। ऐसे व्यक्ति की सलाह अव्यावहारिक और गलत हो सकती है, जो आपके निर्णयों को नुकसान पहुंचा सकती है। चाणक्य के अनुसार मूर्ख व्यक्ति की सलाह लेना मतलब खुद को संकट में डालने के समान है।स्वार्थी व्य...
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