चतरा, सितम्बर 22 -- सिमरिया, निज प्रतिनिधि। सिमरिया प्रखंड के जांगी पंचायत के चाडरम गांव में मां कमला की अति प्राचीन प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के आसपास बिखरे अवशेषों से लगता है, की प्रतिमा की स्थापना पाल कल से जुड़ी हुई है। आठवीं से दसवीं शताब्दी की कई दुर्लभ प्रतिमा आज भी मंदिर परिसर में देखने को मिल जाती है ।माता की प्रतिमा चाडरम में रहने के कारण इन्हें चाडरम महारानी के नाम से भी जानी जाती है। यहां दर्शन के लिए सालों भर दूर-दूर से लोग आते हैं। परंतु नवरात्र में यहां भीड़ उमड़ पड़ती है। किंवदंती है कि पहले माता रानी का प्रतिमा दुर्गम पहाड़ सुंदरेला पर था, जहां पर दुर्गम रास्ता, घने जंगल और जंगली हिंसक पशुओं के भय से बहुत ही कम लोग जाते थे। एक भक्त प्रतिदिन प्रतिमा को हर श्रृंगार के पुष्प चढ़ाते थे। उसी समय एक गाय आकर अपने दुध से अभिषेक करती थी...
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