घाटशिला, फरवरी 13 -- चाकुलिया: औषधीय गुणों से भरपूर आयुर्वेद का अमृत कहे जाने वाले मुनगा (सहजन) के पेड़ फूलों से लदे गये हैं। छोटे छोटे फल भी निकलने लगे हैं। कहीं कहीं तो मुनगा के फल भी निकल आए हैं। फिलहाल यहां के बाजार में लोकल मुनगा 200 रुपए किलो की दर से बिक रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक अगर कुहासा नहीं पड़े और बारिश हो जाए तो मुनगा का उत्पादन बेहतर होगा। विदित हो कि मुनगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख आधार है। ग्रामीणों के रोजगार का एक प्रमुख साधन है।ज्ञात हो कि ग्रामीण इलाके में उत्पादित मुनगा की आपूर्ति बड़े-बड़े शहरों में होती है। छोटे-मोटे व्यापारी ग्रामीणों से मुनगा खरीद कर बड़े-बड़े शहरों में आपूर्ति करते हैं। ग्रामीण इलाके से मुनगा की आमद होने पर इसका दाम भी अपेक्षाकृत कम रहता है। ग्रामीण इलाके में मुनगा के पेड़ों की भरमार ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.