उन्नाव, फरवरी 7 -- उन्नाव, संवाददाता। चाइनीज मांझा सिर्फ पतंग उड़ाने का शौक नहीं, यह खुलेआम मौत का औजार है। हवा में अदृश्य यह धारदार डोर कब किसी की गर्दन पर ब्लेड की तरह वार कर दे, कोई नहीं जानता। लखनऊ में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब की मौत और उन्नाव में राहुल यादव के घायल होने की घटनाएं इस बात का सबूत हैं। प्रतिबंध के बावजूद यह जानलेवा खेल बेखौफ चोरी छिपे जारी रहता है। जनपद के शहरी क्षेत्र में पतंग उड़ानेवाले और पेंच लड़ाने के शौकीनों की अच्छी खासी तादात है। ऐसे में यहां पतंग और बिक्री के लिए 16 से अधिक दुकानें हैं। बहुत सी छोटी दुकानें सीजन में बिक्री के लिए खुलती है। इन्हीं दुकानों से रोक के बावजूद चोरी छिपे जानलेवा चाइनीज मांझा की बिक्री होती है। हालांकि, दुकानदारों का दावा है कि खतरनाक मांझे की बिक्री नहीं करते हैं। पारंपरिक मांझे की ह...