बुलंदशहर, फरवरी 18 -- बुलंदशहर। चांद दिखाई देने के साथ ही मुकद्दस माह-ए-रमजान की शुरुआत हो गई। बुधवार की रात इशा की नमाज के बाद शहर की मस्जिदों में तरावीह अदा की गई। तरावीह की नमाज के साथ ही रोजेदारों ने पूरे जोश और अकीदत के साथ इबादत का सिलसिला शुरू कर दिया। मस्जिदों में देर रात तक कुरआन की तिलावत गूंजती रही। उलेमाओं ने कहा कि रमजान सब्र, नेकी और रहमत का महीना है। इस एक महीने को पूरी सादगी, इबादत और इंसानियत की सेवा के साथ गुजारना चाहिए। रोजा सिर्फ भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं, बल्कि बुराइयों से बचने और अच्छे आचरण अपनाने का संदेश देता है। तरावीह में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब शहर की जामा मस्जिद समेत विभिन्न मस्जिदों में तरावीह के लिए बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। कई मस्जिदों में हाफिज-ए-कुरआन ने कुरआन शरीफ की तिलावत शुरू की। युवाओं और बच्चो...
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