गुमला, अगस्त 2 -- गुमला, संवाददाता। झारखंड की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया की धीमी रफ्तार एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गुमला की पारा शिक्षिका तबस्सुम आरा का नाम जब झारखंड शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 2024 के परिणाम में आया,तब तक वे इस दुनिया को अलविदा कह चुकी थीं। 12 जून 2025 को कैंसर से उनका निधन हो गया था,जबकि परिणाम 28 जुलाई को आया और दस्तावेज़ सत्यापन की तिथि दो अगस्त निर्धारित थी। तबस्सुम आरा वर्ष 2007 से पारा शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। 2017 में जेटेट और 2024 में जेएसएससी की शिक्षक परीक्षा पास कर उन्होंने अपनी मेहनत और काबिलियत का प्रमाण दिया, लेकिन नियुक्ति की औपचारिकता पूरी होने से पहले ही उनका सपना अधूरा रह गया। अब उनके पीछे रह गईं दो मासूम बेटियां 13 और 8 साल की हैं,जो मामा के घर पर रह रही हैं। तबस्सुम का सपना था कि बेटियों को...
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