लखनऊ, फरवरी 2 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता केंद्रीय बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को एसएमई ग्रोथ फंड के जरिए मिली बूस्टर डोज के बाद छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहित कर यूपी अपने निर्यात के आकार को बढ़ाने का प्रयास करेगा। राज्य सरकार के बजट में भी छोटे उद्यमियों को और राहत देने के लिए पिटारा खुलने की उम्मीद भी बढ़ गई है। खासकर चमड़े के उत्पादों और कपड़े (गारमेंट, टेक्सटाइल व खादी) के निर्यात पर फोकस होगा। एमएसएमई में सर्वाधिक सूक्ष्म इकाईयां हैं, जिनके लिए कई तरह की छूट पहले से लागू हैं, जिनका आकार बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (एमवाईएसवाई) के तहत आवेदन बढ़े हैं। इनमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी नंबर एक पर है और इसके विस्तार व सुविधाएं बढ़ाने की तै...